क्या आपको भी पेट भारी रहता है, खाना ठीक से नहीं पचता या गैस बनती है? ये सभी लक्षण पाचन शक्ति की कमजोरी के होते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है – “सर्वं रोगं मंदाग्नि”, यानी ज्यादातर रोगों की जड़ कमजोर पाचन होता है। पाचन शक्ति क्या है? पाचन शक्ति हमारे शरीर की वो क्षमता है जो भोजन को ठीक से पचाकर पोषक तत्त्वों को शरीर में पहुंचाती है। अगर ये कमजोर हो जाए तो खाना भी ज़हर बन सकता है। पाचन शक्ति कमजोर होने के लक्षण भूख न लगना भोजन के बाद भारीपन गैस बनना या डकार आना कब्ज़ या ढीले पेट थकान महसूस होना पाचन शक्ति बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीके 1. सोंठ + काला नमक 1 चुटकी सोंठ (सूखा अदरक पाउडर) और चुटकीभर काला नमक खाने से पहले लेने से पाचन अग्नि तेज होती है। 2. जीरा-धनिया जल 1 गिलास पानी में 1-1 चम्मच जीरा और धनिया डालकर उबालें। छानकर गुनगुना पिएं। यह पाचन तंत्र को शांत करता है। 3. हिंग का उपयोग हींग (asafoetida) को गुनगुने पानी में मिलाकर लेने से गैस और अफारा दूर होता है। 4. तृिफला चूर्ण रात को रात में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से पेट स...