🕉️ नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित होता है। यह दिन साहस, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार उपवास केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक डिटॉक्स के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। आज हम जानेंगे Maa Chandraghanta Vrat का महत्व, पूजा विधि और Ayurvedic Fasting Tips जो आपके व्रत को और भी लाभकारी बना देंगे। 🌙 माँ चंद्रघंटा का महत्व नवरात्रि के तीसरे दिन पूजी जाने वाली माँ चंद्रघंटा को उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र धारण करने के कारण यह नाम मिला। मान्यता है कि इनकी पूजा से भय दूर होता है और साधक के जीवन में शांति व समृद्धि आती है। माँ चंद्रघंटा साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति का प्रतीक हैं। 🙏 Navratri Day 3 Vrat Vidhi 🚿 सुबह स्नान कर के स्वच्छ वस्त्र पहनें। 👗 पीले या सुनहरे रंग का वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। 🪔 माँ चंद्रघंटा की मूर्ति या तस्वीर पर गंगाजल छिड़कें। 🌸 फूल, फल, पंचामृत और धूप-दीप से पूजन करें। 📿 “ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। 💚 Ayur...